
डिलीवरी का समय नज़दीक आने के साथ जैसे-जैसी खुशी बढ़ती है, वैसे ही चिंता भी बढ़ जाती है और अक्सर देखा गया है कि लेबर पेन के दौरान गर्भवती महिलाओं और उनके परिवार के सदस्यों को जल्दबाजी में सारी बातें याद नहीं रहती हैं; जैसे कि माँ और होने वाले बच्चे के लिए किन चीज़ों को रखना है और किन चीज़ों को नहीं. इसके कारण हॉस्पिटल में कई बार पेरेंट्स को परेशान भी होना पड़ता है. इसलिए ज़रूरी है कि आप समय रहते हॉस्पिटल बैग की तैयारी कर लें.
चलिए सबसे पहले जान लेते हैं कि हॉस्पिटल बैग तैयार करने का सबसे सही समय क्या होता है? तो इसका जवाब यह है कि प्रेग्नेंसी के 34वें से 35वें सप्ताह के दौरान आपको हॉस्पिटल बैग तैयार कर लेना चाहिए. यही समय है जब आपको कभी भी डॉक्टर के पास जाना पड़ सकता है.
हॉस्पिटल बैग तैयार करने के दौरान ध्यान रखें कि आपको सामान अपने और अपने होने वाले बच्चे के हिसाब से रखना है. तो आप अपनी तैयारी इसी तरह से करें.
अपनी आखिरी जाँच के तुरंत बाद, सभी रिपोर्ट याद से इस बैग में रख लें, क्योंकि डिलीवरी से पहले डॉक्टर आपकी मेडिकल हिस्ट्री चेक करते हैं. इसलिए भले ही आप नियमित तौर पर डॉक्टर के पास गए हो, लेकिन फिर भी अपने साथ अपने मेडिकल डॉक्यूमेंट रखें. यदि आपने मैटरनिटी इंश्योरेंस लिया हुआ है तो उससे सम्बंधित सभी कागज़ व कार्ड भी इस बैग में रखें, क्योंकि उसकी ज़रूरत आपको हॉस्पिटल पहुँचते ही पड़ेगी. इनके बिना आपको हॉस्पिटल में रजिस्टर करना भी मुश्किल होगा. इंश्योरेंस का पूरा फायदा उठाने और आख़िरी समय की अफरा-तफरी से बचने के लिए इन्हें पहले से ही बैग में रख लें.
हॉस्पिटल पहुँचने के बाद ये कहना मुश्किल होता है कि आप कितने दिन बाद वापस घर आएँगी. इसलिए आपको थोड़ा केयर का सामान भी रखना चाहिए; जैसे- साबुन, शैम्पू, फेस वॉश, बॉडी लोशन, लिप बाम, कंघी, टूथ ब्रश एवं पेस्ट, आराम से पहनी जाने वाली चप्पलें, मोजे, मसाज ऑइल, आदि. अगर आपकी डिलीवरी सी सेक्शन से होने की संभावना है, तो आपको कुछ और चीज़ों की भी ज़रूरत होगी; जैसे- कंफर्टेबल अंडरवियर जिससे ऑपरेशन के बाद टांकों पर प्रभाव न पड़े, ढीले कपड़े. इसके साथ ही, नर्सिंग ब्रा और गाउन बहुत ही काम आने वाली चीज़ें हैं, क्योंकि ये स्तनपान (Breastfeeding) को आसान बनाते हैं साथ ही निकलने वाले अतिरिक्त दूध को सोख कर आपके आराम का भी ध्यान रखते हैं. सी-सेक्शन के बाद कब्ज़ होना आम बात है. हालाँकि, दवाई रखने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से सलाह ले लें.
आपके सामान के साथ-साथ बच्चे के लिए भी बहुत कुछ ऐसा होता है जो कि हॉस्पिटल में ही चाहिए होता है जैसे कि शिशु के लिए कपड़े, शिशु का साबुन, शैम्पू, तेल, बॉडी लोशन, डायपर रैश क्रीम, उसे लपेटने के लिए मुलायम कम्बल, घर लाने के लिए नए कपड़े, मुँह व शरीर पोंछने के लिए मुलायम तौलिया, डायपर, नैप्पीज(लंगोट), जुराबें, और टोपी. कई बार डिलीवरी के बाद मानसिक/शारीरिक थकान या अन्य कारणों से माँ स्तनपान कराने की हालत में नहीं होती. ऐसे में आपको पहले से ही शिशु के फॉर्मूला फ़ूड या ऊपर के दूध लिए कटोरी चम्मच और दूध की बोतल के साथ तैयार रहना चाहिए, ताकि ज़रूरत पड़ने पर कोई घबराहट या असुविधा ना हो.
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मोबाइल फ़ोन और उसका चार्जर, आराम और समय गुज़ारने में मदद के लिए किताबें और मैगजीन रखना न भूलें.
वैसे, ऊपर बताए सामान को रखने के लिए आप माइलो डायपर बैग की मदद ले सकते हैं. इसमें माँ और बच्चे की ज़रूरत की कुछ ख़ास चीज़ों को रख सकते हैं. साथ ही, हॉस्पिटल बैग में पर्याप्त जगह होने के कारण आप इसमें अपना सभी ज़रूरी सामान रख सकते हैं. उम्मीद है कि इस ऑर्टिकल को पढ़ने के बाद अब आप आसानी से अपना हॉस्पिटल बैग तैयार कर पाएँगे.




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